मिर्च में एन्थ्रेक्नोज (फल सड़न): लक्षण और रोकथाम, आम और अंगूर में भी

· लेखक: AgriVruddhi

Grape anthracnose (Elsinoe ampelina): many small brown spots on a young grape leaf, lit from behind

ऊपर की फोटो: अंगूर की नई पत्तियों पर एन्थ्रेक्नोज के छोटे भूरे धब्बे, फोटो: E.A. Lawton, CSIRO, CC BY 3.0

छोटा जवाब

मिर्च का एन्थ्रेक्नोज एक फफूंद रोग है। इसमें फलों पर गहरे, धँसे हुए धब्बे बनते हैं (फल सड़न) और टहनियों के सिरे ऊपर से नीचे की ओर सूखते हैं (डाईबैक या टहनी सूखना)। धब्बे वाली फलियाँ सिकुड़ जाती हैं, उनका रंग और तीखापन घटता है, और मंडी में कम दाम मिलता है। इसकी रोकथाम साफ बीज, खेत की सफाई और अच्छी हवा से करें, और गीला मौसम आने पर लेबल पर मंज़ूर फफूंदनाशक छिड़कें।

आम, अंगूर और तरबूज़ के मिलते-जुलते रोगों को भी यही नाम दिया जाता है, इसलिए यह गाइड उनके बारे में भी बताती है।

मिर्च में एन्थ्रेक्नोज की पहचान कैसे करें

मिर्च में यह रोग दो मुख्य रूपों में दिखता है।

  • फल सड़न: फलों पर छोटे, गोल, गहरे धब्बे बनते हैं, ज़्यादातर पकते समय। धब्बे अंदर धँसते हैं और बड़े होते जाते हैं। धब्बों के अंदर बहुत छोटे काले बिंदु बनते हैं, जो फफूंद के बीजाणु बनाने वाले हिस्से हैं। ये अक्सर छल्लों में होते हैं। गीले मौसम में धब्बों पर बीजाणुओं की गुलाबी या नारंगी, चिपचिपी परत दिख सकती है। पके लाल फल हरे फलों से ज़्यादा प्रभावित होते हैं। तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) के अनुसार बुरी तरह संक्रमित फल पुआल जैसे रंग के या हल्के सफेद हो जाते हैं और उनका तीखापन खत्म हो जाता है। अंदर के बीज भी संक्रमित हो सकते हैं।
  • डाईबैक (टहनी सूखना): नई कोमल टहनियों के सिरे आगे से पीछे की ओर सूखते हैं। सूखी टहनियाँ स्लेटी या पुआल जैसे रंग की हो जाती हैं, और उन पर काले बिंदु दिखते हैं। TNAU के अनुसार संक्रमण आमतौर पर तब शुरू होता है जब फसल में फूल आते हैं: फूल झड़ते हैं, फूल की डंडियाँ सूखती हैं, और सूखना नीचे डाल तक फैल जाता है। जो पौधे थोड़े प्रभावित होते हैं, उन पर कम और घटिया क्वालिटी के फल लगते हैं।
  • पत्तियाँ: गीले मौसम में पत्तियों पर भी छोटे, गहरे धब्बे दिख सकते हैं।

मिर्च में एन्थ्रेक्नोज करने वाली फफूंद Colletotrichum नाम के समूह की है। भारत में इसकी मुख्य जाति लंबे समय से Colletotrichum capsici के नाम से जानी जाती है। यह भारत में मिर्च के सबसे नुकसानदायक रोगों में से एक है, क्योंकि यह सीधे फल को ही खराब करता है।

मिलते-जुलते लक्षण और उन्हें कैसे पहचानें

  • धूप से झुलसना (sunscald): फल की धूप वाली तरफ हल्के, कागज़ जैसे धब्बे। इनमें काले बिंदु या छल्ले नहीं होते।
  • फल छेदक का नुकसान: इल्ली का बनाया साफ, गोल छेद, अक्सर उसकी बीट के साथ। एन्थ्रेक्नोज के धब्बे धँसे हुए होते हैं, छेद नहीं। देखें हमारी हेलिकोवर्पा (फल छेदक) की रोकथाम की गाइड।
  • सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा (Cercospora leaf spot): पत्तियों पर गोल धब्बे, बीच में हल्का स्लेटी और किनारा गहरा, जिन्हें अक्सर मेंढक-आँख (frog-eye) धब्बे कहते हैं। ये पत्तियों पर ही रहते हैं। एन्थ्रेक्नोज ज़्यादातर नुकसान फलों और टहनियों के सिरों पर करता है।
  • वायरस की समस्या (पत्ती मरोड़): पत्तियाँ मुड़ती और सिकुड़ती हैं और पौधा छोटा रह जाता है। फलों पर धँसे धब्बे नहीं होते। मिर्च में पत्ती मरोड़ रस चूसने वाले कीटों से जुड़ा है, देखें हमारी मिर्च में थ्रिप्स की रोकथाम की गाइड।

जीवन चक्र और हमला कब होता है

यह फफूंद संक्रमित बीज, सूखी टहनियों और खेत में पड़े गिरे हुए फलों पर ज़िंदा रहती है। बारिश होने पर पानी की छींटें बीजाणुओं को स्वस्थ फलों और टहनियों तक पहुँचा देती हैं। गर्म, गीला और नमी वाला मौसम इसे तेज़ी से फैलाता है, और जो फल कई घंटों तक गीले रहते हैं उनमें सबसे ज़्यादा संक्रमण होता है।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मिर्च खरीफ में लगाई जाती है और फल ठंडे महीनों में पकते हैं। जब फल लाल हो रहे हों, उस समय बारिश, बादल या भारी ओस से फल सड़न का खतरा बढ़ता है। डाईबैक इससे पहले, बारिश के महीनों में ज़्यादा होता है।

मिर्च का एन्थ्रेक्नोज तुड़ाई के बाद भी नहीं रुकता। जिन फलों में छिपा संक्रमण होता है, वे खलिहान में सुखाते समय और भंडार में भी सड़ते रह सकते हैं, खासकर अगर वे भीग जाएँ या धीरे सूखें।

किन फसलों पर हमला करता है

मिर्च: हरे और पकते फलों पर फल सड़न, और टहनियों के सिरों का डाईबैक। फल सड़न सबसे ज़्यादा नुकसान करती है, क्योंकि इससे सूखी मिर्च का वज़न और दाम दोनों घटते हैं।

आम: यह एक मिलती-जुलती फफूंद, Colletotrichum gloeosporioides, से होता है। नई पत्तियों पर काले धब्बे बनते हैं। फूल आने पर यह बौर झुलसा (blossom blight) करता है: फूल की डंडियों पर गहरे धब्बे बनते हैं, और फूल सूखकर झड़ जाते हैं। पकते फलों पर काले, धँसे धब्बे बनते हैं जो फल को सड़ा देते हैं, अक्सर तुड़ाई के बाद। फूल आने के समय बारिश, कोहरा या ओस इसे बढ़ाते हैं।

अंगूर: अंगूर का एन्थ्रेक्नोज एक अलग फफूंद (Elsinoe ampelina) से होता है, पर लेबल और किसान इसे भी यही नाम देते हैं। नई पत्तियों पर छोटे गहरे धब्बे बनते हैं जिनका बीच स्लेटी होता है। ये झड़कर छेद छोड़ सकते हैं। टहनियों पर धँसे, गहरे घाव (कैंकर) बनते हैं। दानों पर गोल धब्बे बनते हैं, बीच में हल्के और किनारे पर गहरे, जिन्हें अक्सर "चिड़िया की आँख" (bird's eye) धब्बे कहते हैं। नई बढ़वार पर बारिश, जैसे छँटाई के बाद, इसे बढ़ाती है।

तरबूज़: गर्म, गीले मौसम में पत्तियों पर भूरे से काले धब्बे, और तनों व फलों पर धँसे, गहरे धब्बे।

टमाटर और केला: एन्थ्रेक्नोज पके टमाटर के फलों पर धँसे धब्बे और पकते केलों पर काले धब्बे भी बनाता है। हमारे स्टोर के किसी भी उत्पाद के एन्थ्रेक्नोज लेबल पर ये फसलें नहीं हैं, इसलिए सलाह के लिए स्टोर या अपने कृषि अधिकारी से पूछें।

कब छिड़काव करें

हमें TNAU या किसी दूसरे सार्वजनिक स्रोत से एन्थ्रेक्नोज के लिए कोई छपी हुई आर्थिक सीमा (रोग का वह तय स्तर जिस पर छिड़काव करना फायदेमंद होता है) पक्की नहीं मिली। ऐसे रोग में फफूंदनाशक के लेबल ही बताते हैं कि कब छिड़कना है: रोग दिखने से पहले बचाव के छिड़काव के रूप में, या पहला लक्षण दिखते ही। मिर्च में फूल आने के समय से ध्यान से निगरानी करें, और अगर फल पकते समय बारिश या ओस की संभावना हो तो जल्दी कदम उठाएँ।

बिना रसायन के रोकथाम

  • साफ बीज: बीज केवल स्वस्थ पौधों के स्वस्थ फलों से रखें, या अच्छी क्वालिटी का बीज खरीदें। फफूंद बीज के अंदर रहकर भी आगे जा सकती है। बीज उपचार के बारे में अपने कृषि अधिकारी से पूछें।
  • रोग के स्रोत हटाएँ: धब्बे वाले फल तोड़कर नष्ट करें। सूखी टहनियों को सूखे हिस्से के नीचे से काटें, और खेत से दूर जला दें या गाड़ दें।
  • हवा और पानी: पौधों के बीच सही दूरी रखें ताकि पत्तियाँ और फल जल्दी सूखें। खेत में पानी भरने न दें, और पौधों पर पानी की छींटें पड़ने से बचाएँ।
  • समय पर तुड़ाई: पकी मिर्च समय पर तोड़ें। गीले मौसम में पौधे पर छोड़े गए पके फलों में ज़्यादा संक्रमण होता है।
  • साफ सुखाई: तोड़ी हुई मिर्च को साफ तिरपाल या सीमेंट के फर्श पर जल्दी सुखाएँ, खुली गीली मिट्टी पर नहीं। सुखाने से पहले और भंडार में रखने से पहले धब्बे वाली फलियाँ निकाल दें, और माल को सूखा रखें।
  • किस्म: मिर्च की कोई भी किस्म पूरी तरह रोगरोधी नहीं है। आपके इलाके में कौन सी सहनशील किस्में अच्छी चलती हैं, यह अपने पास के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या कृषि अधिकारी से पूछें।
  • फसल चक्र: एक ही खेत में साल दर साल मिर्च न लगाएँ। तुड़ाई के बाद फसल का कचरा साफ करें।
  • आम और अंगूर: सूखी और रोगी टहनियाँ और बेलें छाँटकर जला दें। गिरी हुई पत्तियाँ और फल हटा दें। हवा आने-जाने के लिए पेड़ या बेल का घेरा खुला रखें।

एन्थ्रेक्नोज की दवा: फसल के अनुसार फफूंदनाशक

केवल नीचे दिए गए उत्पादों के लेबल पर, या जहाँ बताया गया है वहाँ कंपनी के पर्चे पर, यह फसल और एन्थ्रेक्नोज (या लेबल पर इसके दूसरे नाम: डाईबैक, फल सड़न, पके फल की सड़न (ripe rot)) लिखा है। जहाँ लेबल पर क्षेत्र के हिसाब से मात्रा दी है, वहाँ हम उसे प्रति एकड़ में दिखाते हैं। जहाँ लेबल पर केवल प्रति लीटर पानी की मात्रा दी है, वहाँ हम "लेबल के अनुसार मात्रा" लिखते हैं और लेबल की बात वैसे ही देते हैं। एक छिड़काव में एक ही उत्पाद इस्तेमाल करें। एक टंकी में उत्पाद न मिलाएँ। नीचे के ज़्यादातर उत्पाद दो सक्रिय तत्वों वाले पहले से मिले हुए उत्पाद हैं, जिन्हें लेबल पर एक उत्पाद के रूप में मंज़ूरी मिली है।

मिर्च

  • Kavach Flo Fungicide (chlorothalonil 40% + difenoconazole 4% SC), लेबल पर मंज़ूर पहले से मिला हुआ उत्पाद। लेबल पर रोग: "Powdery Mildew, Anthracnose, Fruit rot"। लेबल मात्रा 405 ml प्रति एकड़, 200 L पानी में। पहला छिड़काव बचाव के लिए या पहला लक्षण दिखते ही, फिर 10–15 दिन बाद एक और, और एक मौसम में दो से ज़्यादा छिड़काव नहीं। कटाई से पहले इंतज़ार: 7 दिन।
  • Amistar Top Fungicide (azoxystrobin 18.2% + difenoconazole 11.4% SC), लेबल पर मंज़ूर पहले से मिला हुआ उत्पाद। लेबल पर रोग: "Anthracnose & Powdery Mildew"। लेबल के अनुसार मात्रा: लेबल पर "0.1% या 1 ml प्रति लीटर पानी" लिखा है, रोग दिखने पर 1–2 छिड़काव। कटाई से पहले इंतज़ार: 5 दिन।
  • Galileo Sensa Fungicide (picoxystrobin 6.78% + tricyclazole 20.33% SC), पहले से मिला हुआ उत्पाद। इसके मिर्च वाले पर्चे (हिंदी में) पर एन्थ्रेक्नोज लिखा है। पर्चे की मात्रा 400 ml प्रति एकड़, 200 L पानी में, बचाव के छिड़काव के रूप में; लाल मिर्च में, जैसे ही फल लाल होने लगें। एक फसल में 3 से ज़्यादा छिड़काव नहीं। पर्चे पर कटाई से पहले इंतज़ार की अवधि नहीं छपी है, इसलिए इस्तेमाल से पहले स्टोर से पूछें। पर्चा यह चेतावनी भी देता है कि मिर्च के लिए कोई अवशेष सीमा (residue limit) तय नहीं है, इसलिए अगर आपकी मिर्च निर्यात के लिए है तो सावधान रहें।
  • Score Fungicide (difenoconazole 25% EC)। लेबल पर रोग: "Die Back" और "Fruit Rot", दो अलग रोग। लेबल के अनुसार मात्रा: "0.05% या 50 ml प्रति 100 L पानी", रोग दिखने पर छिड़कें, प्रति एकड़ 200–400 L पानी में। कटाई से पहले इंतज़ार: 15 दिन।
  • Indofil M45 Fungicide (mancozeb 75% WP)। लेबल पर रोग: "Fruit rot; Ripe rot"। लेबल मात्रा 0.6–0.8 kg प्रति एकड़, 300 L पानी में, पत्तियों पर छिड़काव। कटाई से पहले इंतज़ार: 10 दिन।
  • Custodia Fungicide (azoxystrobin 11% + tebuconazole 18.3% SC), पहले से मिला हुआ उत्पाद। कंपनी के पर्चे के अनुसार (आधिकारिक लेबल नहीं), यह मिर्च में "Fruit rot, Powdery mildew & Dieback" के लिए है। पर्चे की मात्रा 240 ml प्रति एकड़। पर्चे पर पानी की मात्रा, छिड़काव का समय और कटाई से पहले इंतज़ार की अवधि नहीं छपी है, इसलिए इस्तेमाल से पहले स्टोर से पूछें।

अंगूर

  • Score Fungicide (difenoconazole 25% EC)। लेबल पर रोग: "Anthracnose"। लेबल के अनुसार मात्रा: "0.03% या 30 ml प्रति 100 L पानी", रोग दिखने पर छिड़कें। कटाई से पहले इंतज़ार: 10 दिन।
  • Indofil M45 Fungicide (mancozeb 75% WP)। लेबल पर रोग: "Angular leaf spot; Downey mildew; Anthracnose" (स्पेलिंग वैसी ही जैसी लेबल पर छपी है)। लेबल मात्रा 0.6–0.8 kg प्रति एकड़, 300 L पानी में, पत्तियों पर छिड़काव। कटाई से पहले इंतज़ार: 20 दिन।
  • Companion Fungicide (carbendazim 12% + mancozeb 63% WP), लेबल पर मंज़ूर पहले से मिला हुआ उत्पाद। लेबल पर रोग: "anthracnose"। लेबल के अनुसार मात्रा: "0.15% छिड़काव (फॉर्मूलेशन), फसल के फैलाव के अनुसार ज़रूरत भर पानी"। कटाई से पहले इंतज़ार: 7 दिन।
  • Saaf Fungicide (carbendazim 12% + mancozeb 63% WP), लेबल पर मंज़ूर पहले से मिला हुआ उत्पाद। लेबल पर रोग: "Downy mildew, Powdery mildew & Anthracnose"। लेबल के अनुसार मात्रा: "0.15% छिड़काव (1.5 g प्रति लीटर पानी)", फसल के फैलाव के अनुसार ज़रूरत भर पानी। कटाई से पहले इंतज़ार: 7 दिन।
  • Saafilizer Systemic and Contact Fungicide (carbendazim 12% + mancozeb 63% WP), लेबल पर मंज़ूर पहले से मिला हुआ उत्पाद। लेबल पर रोग: "anthracnose"। लेबल के अनुसार मात्रा: "0.15% छिड़काव (फॉर्मूलेशन), फसल के फैलाव के अनुसार ज़रूरत भर पानी"। कटाई से पहले इंतज़ार: 7 दिन।

आम

  • Companion। लेबल पर रोग: "anthracnose"। लेबल के अनुसार मात्रा: "0.15% छिड़काव (फॉर्मूलेशन)", पेड़ के फैलाव के अनुसार ज़रूरत भर पानी। कटाई से पहले इंतज़ार: 7 दिन।
  • Saaf। लेबल पर रोग: "Powdery mildew & Anthracnose"। लेबल के अनुसार मात्रा: "0.15% छिड़काव (1.5 g प्रति लीटर पानी)"। कटाई से पहले इंतज़ार: 7 दिन।
  • Saafilizer। लेबल पर रोग: "anthracnose"। लेबल के अनुसार मात्रा: "0.15% छिड़काव (फॉर्मूलेशन)", पेड़ के फैलाव के अनुसार ज़रूरत भर पानी। कटाई से पहले इंतज़ार: 7 दिन।

तरबूज़

  • Indofil M45। लेबल पर रोग: "Anthracnose"। लेबल मात्रा 0.6–0.8 kg प्रति एकड़, 300 L पानी में। कटाई से पहले इंतज़ार: 10 दिन।

Companion, Saaf और Saafilizer में वही दो सक्रिय तत्व हैं, इसलिए छिड़काव की योजना बनाते समय इन्हें एक ही उत्पाद मानें।

प्रतिरोध से बचने के लिए दवा बदल-बदल कर डालें

फफूंदनाशकों को इस आधार पर ग्रुप में बाँटा जाता है कि वे फफूंद पर कैसे काम करते हैं। इसे काम करने का तरीका (mode of action) कहते हैं, और अंतरराष्ट्रीय FRAC (फफूंदनाशक प्रतिरोध पर काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय समिति) व्यवस्था हर ग्रुप को एक कोड देती है। जब एक ही ग्रुप बार-बार इस्तेमाल होता है, तो फफूंद पर दवा का असर खत्म हो सकता है, इसे प्रतिरोध कहते हैं। FRAC ग्रुप 1 और 11 को प्रतिरोध के लिए ज़्यादा खतरे वाला मानता है। M वाले ग्रुप फफूंद के कई हिस्सों पर एक साथ काम करते हैं, इसलिए उनमें खतरा कम है।

FRAC ग्रुपसक्रिय तत्वयहाँ के उत्पाद
M05 + 3chlorothalonil + difenoconazoleKavach Flo
11 + 3azoxystrobin + difenoconazoleAmistar Top
11 + 16.1picoxystrobin + tricyclazoleGalileo Sensa
11 + 3azoxystrobin + tebuconazoleCustodia
3difenoconazoleScore
M03mancozebIndofil M45
1 + M03carbendazim + mancozebCompanion, Saaf, Saafilizer

मिर्च में Amistar Top और Galileo Sensa दोनों में ग्रुप 11 का तत्व है, और Amistar Top और Kavach Flo दोनों में difenoconazole (ग्रुप 3) है। इसलिए इन दोनों में से किसी के भी ठीक बाद Amistar Top न छिड़कें। एक आसान क्रम है: पहले Kavach Flo, फिर Galileo Sensa, और हर लेबल पर दी गई छिड़काव की संख्या की सीमा के अंदर रहें। Custodia में भी ग्रुप 11 और ग्रुप 3 के तत्व हैं, इसलिए Amistar Top, Galileo Sensa, Kavach Flo या Score के ठीक बाद Custodia न छिड़कें। बीच में किसी दूसरे ग्रुप का उत्पाद डालें, जैसे Indofil M45 (mancozeb, ग्रुप M03)। अंगूर और आम में ग्रुप 1 वाले उत्पाद और उसके बिना वाले उत्पाद को बदल-बदल कर डालें, जैसे अंगूर में पहले Companion, फिर Score या Indofil M45।

सुरक्षा और कटाई से पहले इंतज़ार

कटाई से पहले इंतज़ार की अवधि (pre-harvest interval, या PHI) आखिरी छिड़काव और कटाई के बीच के दिनों की संख्या है। यह ऊपर हर उत्पाद के साथ दी गई है और फसल के अनुसार बदलती है: जैसे Indofil M45 को अंगूर में 20 दिन चाहिए, पर तरबूज़ में 10 दिन।

  • घोल बनाते और छिड़कते समय दस्ताने, मास्क, पूरी बाँह के कपड़े और जूते पहनें। बाद में अच्छी तरह धोएँ और नहाएँ।
  • उत्पादों को बच्चों, जानवरों और खाने से दूर, ताले में रखें।
  • बारिश से ठीक पहले छिड़काव न करें, क्योंकि बारिश फफूंदनाशक को धो देती है। स्प्रेयर को तालाब या नदी-नाले में न धोएँ।
  • आम और अंगूर के फूलों पर मधुमक्खियाँ और दूसरे कीट आते हैं। जहाँ हो सके, देर शाम को छिड़कें, और लेबल पर दी गई हर चेतावनी मानें।

इस्तेमाल से पहले लेबल और पर्चा पढ़ें।

मिर्च का एन्थ्रेक्नोज: किसानों के सवाल

मिर्च में एन्थ्रेक्नोज के लक्षण क्या हैं?

फलों पर गहरे, धँसे, गोल धब्बे, अक्सर छल्लों में काले बिंदुओं के साथ, और टहनियों के सिरे जो ऊपर से नीचे की ओर सूखते हैं। बुरी तरह प्रभावित फलियाँ हल्की या पुआल जैसे रंग की हो जाती हैं और उनका तीखापन खत्म हो जाता है।

मिर्च में एन्थ्रेक्नोज किस कारण होता है?

Colletotrichum समूह की एक फफूंद से। यह बीज और फसल के कचरे पर ज़िंदा रहती है और गर्म, गीले मौसम में बारिश की छींटों से फैलती है।

मिर्च में एन्थ्रेक्नोज के लिए कौन सी दवा इस्तेमाल होती है?

हमारे स्टोर में मिर्च के एन्थ्रेक्नोज के लिए छह उत्पाद हैं: Kavach Flo, Amistar Top, Galileo Sensa, Score, Indofil M45 और Custodia। कुछ लेबल पर इसका नाम डाईबैक, फल सड़न या पके फल की सड़न लिखा है, और Galileo Sensa और Custodia कंपनी के पर्चे पर दर्ज हैं। इन्हें लेबल या पर्चे की मात्रा पर इस्तेमाल करें और ऊपर बताए अनुसार बदल-बदल कर डालें।

क्या एन्थ्रेक्नोज मिर्च के बीज से फैल सकता है?

हाँ। फफूंद संक्रमित फलों के बीज के अंदर ज़िंदा रह सकती है। केवल स्वस्थ फलों का बीज इस्तेमाल करें, और बीज उपचार के बारे में अपने कृषि अधिकारी से पूछें।

क्या अंगूर का एन्थ्रेक्नोज और मिर्च का एन्थ्रेक्नोज एक ही रोग है?

नहीं। इनका नाम एक है और ये कुछ हद तक एक जैसे दिखते हैं, पर अंगूर का एन्थ्रेक्नोज एक अलग फफूंद से होता है। केवल वही उत्पाद इस्तेमाल करें जिनके लेबल पर आपकी फसल का नाम हो।

यह भी पढ़ें

स्रोत

फसल के अनुसार इसे नियंत्रित करने वाले उत्पाद

मिर्च

अंगूर

तरबूज

आम

एक ही उत्पाद बार-बार न छिड़कें। अलग क्रिया-विधि (लेबल पर ग्रुप नंबर) वाले उत्पाद से बदलें, ताकि कीट या रोग में प्रतिरोध न बने।

ब्रांड के आधिकारिक लेबल के अनुसार। इस्तेमाल से पहले लेबल पढ़ें।

कवच फ़्लो-फफूंदनाशक400 मिलीलीटर

₹1,738/L

₹695 एमआरपी₹929बचत ₹234

₹1,040 एमआरपी₹1,427बचत ₹387

गैलीलियो सेन्सा-फफूंदनाशक
+1

₹2,125/L

₹850 एमआरपी₹1,138बचत ₹288

कस्टोडिया
+2+1

₹3,080/L

₹770 एमआरपी₹1,200बचत ₹430

स्कोर-फफूंदनाशक100 मिलीलीटर

₹4,750/L

₹475 एमआरपी₹629बचत ₹154

इंडोफिल एम-45-फफूंदनाशक
+2+1

₹170 एमआरपी₹182बचत ₹12

साथी-कवकनाशी
+2+1

₹190 एमआरपी₹270बचत ₹80

साफ - कवकनाशक
+2+1

₹892/kg

₹223 एमआरपी₹250बचत ₹27

₹515 एमआरपी₹960बचत ₹445

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