चूर्णिल आसिता (पाउडरी मिल्ड्यू) की दवा: मिर्च, अंगूर, आम और गेहूँ के लिए फफूंदनाशक गाइड
· लेखक: AgriVruddhi

ऊपर की फोटो: अंगूर के दानों पर चूर्णिल आसिता, फोटो: Bauer Karl, CC BY 3.0
छोटा जवाब
चूर्णिल आसिता (पाउडरी मिल्ड्यू) एक फफूंद रोग है, जो पत्तियों, फूलों और फलों पर सफेद या स्लेटी पाउडर की परत चढ़ा देता है। इससे मिर्च, अंगूर, आम और गेहूँ में पत्तियाँ झड़ती हैं और फल कम लगते हैं। इसकी रोकथाम के लिए फसल में हवा और धूप आने दें, रोगी हिस्से हटा दें, और पाउडर दिखते ही अपनी फसल के लिए लेबल पर मंज़ूर फफूंदनाशक छिड़कें।
यह गाइड बताती है कि हर फसल में इसे कैसे पहचानें, छिड़काव कब करें, और किन फफूंदनाशकों के लेबल पर आपकी फसल लिखी है। साथ में प्रति एकड़ खुराक और कटाई से पहले की प्रतीक्षा अवधि भी दी है।
चूर्णिल आसिता के लक्षण: इसे कैसे पहचानें
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में किसान इसे बूडिदा तेगुलु (राख रोग) कहते हैं। हिंदी में इसे अक्सर छाछ्या कहते हैं। कहाँ देखना है, यह पता हो तो रोग आसानी से पहचान में आता है। यह पाउडर खुद फफूंद है: इसके धागे और बीजाणु पौधे की सतह पर बैठे रहते हैं। उंगली से पोंछने पर पाउडर हट जाता है, लेकिन नीचे पीला या भूरा निशान रह जाता है।
- मिर्च: सफेद पाउडर जैसी बढ़वार, ज़्यादातर पत्ती की निचली सतह पर। ऊपरी सतह पर हल्के पीले धब्बे दिखते हैं। ज़्यादा रोगी पत्तियाँ झड़ जाती हैं, और पौधे पर सिर्फ नंगे तने बचते हैं।
- अंगूर: सफेद पाउडर ज़्यादातर पत्तियों की ऊपरी सतह पर, नई टहनियों पर और गुच्छों पर। पत्तियाँ टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती हैं। रोगी फूल झड़ जाते हैं, और पुराने (बड़े हो चुके) दाने फट जाते हैं।
- आम: बौर (फूलों के गुच्छे), नई पत्तियों और छोटे फलों पर सफेद पाउडर। फूल और छोटे फल झड़ जाते हैं, इसलिए फल कम लगते हैं।
- गेहूँ और मटर: पत्तियों और तनों पर स्लेटी-सफेद, रुई जैसे गद्दे। बाद में इन धब्बों पर छोटे काले बिंदु दिख सकते हैं, जो फफूंद के सुप्त (आराम करने वाले) हिस्से हैं।
- कद्दूवर्गीय फसलें (खीरा, लौकी, करेला, खरबूजा-तरबूज, कद्दू): पत्ती के दोनों तरफ गोल, सफेद पाउडर वाले धब्बे, जो आपस में मिलकर पूरी पत्ती ढक लेते हैं।
मिलते-जुलते रोग और उन्हें अलग कैसे पहचानें
- मृदुरोमिल आसिता (डाउनी मिल्ड्यू): पत्ती की ऊपरी सतह पर पीले, कोणदार धब्बे बनते हैं, और निचली सतह पर स्लेटी या बैंगनी-स्लेटी रोएँदार बढ़वार होती है। इसे गीला मौसम चाहिए। चूर्णिल आसिता सूखा सफेद पाउडर है और सूखे मौसम में भी फैलती है। अंगूर और कद्दूवर्गीय फसल उगाने वाले किसान अक्सर दोनों रोग देखते हैं, इसलिए ध्यान से देखें।
- सफेद मक्खी, मिलीबग (चिकटा) और उनका मोम: ये कीड़े हैं। लेंस (हैंड लेंस) से देखें: ये चलते हैं, या इनका शरीर और पैर होते हैं। चूर्णिल आसिता का कोई आकार नहीं होता, सिर्फ पाउडर होता है।
- छिड़काव या धूल का अवशेष: पोंछने पर हट जाता है और नीचे साफ हरा हिस्सा दिखता है। चूर्णिल आसिता पीला या भूरा धब्बा छोड़ती है।
जीवन चक्र और यह कब हमला करती है
हर फसल पर चूर्णिल आसिता अलग फफूंद से होती है। मिर्च पर यह Leveillula taurica है, अंगूर पर Erysiphe necator, आम पर Oidium mangiferae, गेहूँ पर Blumeria graminis और मटर पर Erysiphe pisi। ये सभी लगभग एक जैसा व्यवहार करती हैं।
- बीजाणु बहुत हल्के होते हैं और हवा के साथ एक खेत से दूसरे खेत तक जाते हैं। गर्म मौसम में लगभग एक हफ्ते में बीजाणुओं की नई खेप बन जाती है, इसलिए रोग शुरू होने के बाद तेज़ी से फैलता है।
- ज़्यादातर पत्ती के रोगों से अलग, इसके बीजाणुओं को संक्रमण शुरू करने के लिए पत्ती पर पानी की बूँदों की ज़रूरत नहीं होती। गर्म दिन, ठंडी रातें, बादल या कोहरे वाला मौसम और मध्यम नमी इनके लिए अच्छे हैं। TNAU (तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय) के अनुसार अंगूर में उमस भरा, गर्म, बादल वाला मौसम इस रोग के लिए बहुत अनुकूल है।
- फफूंद दो मौसमों के बीच रोगी टहनियों और कलियों (अंगूर, आम) में, फसल के अवशेषों में, और अपने-आप उगे पौधों और खरपतवारों पर बची रहती है।
- तेज़ बारिश पत्तियों से बीजाणु धो देती है। इसीलिए यह रोग अक्सर बादल या कोहरे वाले सूखे दिनों में सबसे तेज़ बढ़ता है, लगातार बारिश के बीच में नहीं।
- घनी, छायादार फसल और ज़्यादा नाइट्रोजन से पत्तियाँ नरम होती हैं, जिन पर फफूंद आसानी से हमला करती है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मिर्च पर अक्सर फूल आने के समय से, खरीफ के आखिरी दिनों और रबी के ठंडे महीनों में हमला होता है। आम को फूल आने के समय, लगभग दिसंबर से फरवरी तक, खतरा रहता है, खासकर कोहरे या बादल वाले मौसम में। उत्तर और मध्य भारत में गेहूँ और मटर की सर्दी की फसल में यह रोग दिखता है।
किन फसलों पर हमला करती है और क्या नुकसान करती है
मिर्च: मिर्च में चूर्णिल आसिता रोग फूल आने के समय से हमला करता है, अक्सर पहले पुरानी पत्तियों पर। पत्तियाँ झड़ने से फल सीधी धूप में झुलस जाते हैं, और उपज घटती है।
अंगूर: अंगूर में चूर्णिल आसिता नई टहनियों, पत्तियों और गुच्छों पर हमला करती है। फूल आने के समय संक्रमण से फल कम लगते हैं, और रोगी दाने फटकर सड़ जाते हैं।
आम: फूल आने का समय सबसे खतरनाक है। रोगी बौर सूख जाता है, और फूल और मटर के दाने जितने फल झड़ जाते हैं।
गेहूँ: कल्ले निकलने के समय से पत्तियों, पत्ती के खोल (शीथ) और कभी-कभी बाली पर हमला करती है। ज़्यादा हमले से दाना सिकुड़ जाता है।
मटर और दूसरी दलहनें: पत्तियों, तनों और फलियों पर हमला करती है, ज़्यादातर फसल के दूसरे आधे हिस्से में।
कद्दूवर्गीय फसलें: किसी भी अवस्था में पत्तियों पर हमला करती है, अक्सर फल लगने के समय से। पत्तियाँ जल्दी सूख जाती हैं और फल छोटे रह जाते हैं।


चूर्णिल आसिता की दवा (फफूंदनाशक) कब छिड़कें
किसी मान्य सार्वजनिक स्रोत से हम चूर्णिल आसिता की आर्थिक दहलीज़ (रोग का वह स्तर जिस पर छिड़काव का खर्च वसूल होता है) पक्की नहीं कर पाए, इसलिए हम यहाँ कोई दहलीज़ नहीं दे रहे। इस लेख के लेबल कहते हैं कि रोग पहली बार दिखते ही छिड़काव करें, और कुछ लेबल रोग आने से पहले बचाव का छिड़काव भी मंज़ूर करते हैं। व्यवहार में, जोखिम वाले मौसम में हफ्ते में दो बार फसल जाँचें। मिर्च में पत्तियाँ पलटकर निचली सतह देखें। आम में नया बौर जाँचें। पाउडर पहली बार दिखते ही छिड़काव करें, तब नहीं जब पत्तियाँ झड़ने लगें। फफूंदनाशक स्वस्थ पत्तियों को बचाता है और रोग का नया फैलाव रोकता है। सफेद, सूखी पत्तियों को यह फिर से हरा नहीं करेगा।
बिना रसायन के रोकथाम
- किस्म: अपने इलाके के लिए अपनी फसल की सहनशील किस्मों के बारे में अपने KVK (कृषि विज्ञान केंद्र) या कृषि अधिकारी से पूछें।
- हवा और धूप: सुझाई गई दूरी पर बुवाई-रोपाई करें। अंगूर और आम में ऐसी छँटाई करें कि छतरी (कैनोपी) के अंदर तक रोशनी और हवा पहुँचे।
- नाइट्रोजन: यूरिया ज़्यादा न डालें। नरम, हरी-भरी बढ़वार पर रोग जल्दी लगता है।
- सफाई: पहली रोगी पत्तियाँ, टहनियाँ या बौर तोड़कर नष्ट करें। कटाई के बाद फसल के अवशेष हटाएँ, और खेत को खरपतवार और अपने-आप उगे पौधों से साफ रखें, जिन पर फफूंद बची रहती है।
- जहाँ तक हो सके, एक ही खेत में रोग पकड़ने वाली फसलें लगातार न उगाएँ।
- जैविक उत्पाद: चूर्णिल आसिता के लिए कुछ पंजीकृत जैविक फफूंदनाशक बिकते हैं। सिर्फ वही इस्तेमाल करें जिनके लेबल पर आपकी फसल का नाम हो।
हर फसल के लिए चूर्णिल आसिता की दवा (फफूंदनाशक)
सिर्फ नीचे दिए उत्पादों के आधिकारिक लेबल या पर्चे पर फसल और चूर्णिल आसिता दोनों लिखे हैं। खुराक प्रति एकड़ है, जैसी लेबल पर छपी है या लेबल की प्रति हेक्टेयर खुराक से बदली गई है। जहाँ लेबल पर सिर्फ प्रति लीटर पानी की मात्रा दी है, वहाँ हम "लेबल के अनुसार खुराक" लिखकर वही बताते हैं। एक बार में एक ही उत्पाद छिड़कें। एक टंकी में उत्पाद न मिलाएँ।
मिर्च
| उत्पाद | इसमें क्या है | लेबल की प्रति एकड़ खुराक | प्रति एकड़ पानी | कटाई से पहले प्रतीक्षा |
|---|---|---|---|---|
| Saaf Fungicide | Carbendazim 12% + Mancozeb 63% WP | 304 g | 200 L | 3 दिन |
| Companion Fungicide | Carbendazim 12% + Mancozeb 63% WP | 304 g | 200 L | 3 दिन |
| Amistar Top Fungicide | Azoxystrobin 18.2% + Difenoconazole 11.4% SC | लेबल के अनुसार खुराक: 0.1%, यानी 1 ml प्रति लीटर पानी | 200 L | 5 दिन |
| Kavach Flo Fungicide | Chlorothalonil 40% + Difenoconazole 4% SC | 405 ml | 200 L | 7 दिन |
| Galileo Sensa Fungicide | Picoxystrobin 6.78% + Tricyclazole 20.33% SC | 400 ml | 200 L | ब्रांड के पर्चे पर नहीं छपा |
| Armatura Fungicide | Polyoxin D Zinc Salt 5% SC | 240 ml | नहीं दिया गया | ब्रांड की पुस्तिका में शून्य दिन लिखा है |
- Saaf: लक्षण दिखते ही छिड़कें। Amistar Top: रोग दिखने पर एक या दो छिड़काव।
- Kavach Flo: पहला छिड़काव बचाव के लिए या रोग का पहला लक्षण दिखते ही, फिर 10–15 दिन बाद एक और। एक मौसम में दो से ज़्यादा छिड़काव नहीं।
- Galileo Sensa: बचाव का छिड़काव। लाल मिर्च के लिए, फल लाल होना शुरू होते ही छिड़कें। एक फसल में तीन से ज़्यादा छिड़काव नहीं। ब्रांड के पर्चे के अनुसार मिर्च पर इसकी अवशेष सीमा (MRL, अधिकतम अवशेष सीमा) तय नहीं है, इसलिए अगर आपकी मिर्च निर्यात के लिए है तो सावधानी रखें।
- Armatura: हमारी बताई खुराक ब्रांड की उत्पाद पुस्तिका से ली गई है, छपे हुए लेबल से नहीं। इस्तेमाल से पहले पैक का लेबल जाँचें।
अंगूर
| उत्पाद | लेबल की खुराक | पानी | कटाई से पहले प्रतीक्षा |
|---|---|---|---|
| Saaf | लेबल के अनुसार खुराक: 0.15% घोल, यानी 1.5 g प्रति लीटर पानी | जितना छतरी (कैनोपी) को ढकने के लिए चाहिए | 7 दिन |
| Companion | लेबल के अनुसार खुराक: 0.15% घोल | जितना छतरी (कैनोपी) को ढकने के लिए चाहिए | 7 दिन |
| Saafilizer Systemic and Contact Fungicide | लेबल के अनुसार खुराक: 0.15% घोल | जितना छतरी (कैनोपी) को ढकने के लिए चाहिए | 7 दिन |
| Score Fungicide (Difenoconazole 25% EC) | लेबल के अनुसार खुराक: 0.03%, यानी 30 ml प्रति 100 L पानी | 200 L प्रति एकड़ | 10 दिन |
| Insulf Gold Contact Fungicide (Sulphur 80% WDG) | 0.8–1.0 kg प्रति एकड़ | 300–400 L प्रति एकड़ | लेबल पर नहीं छपा |
| Armatura | 240 ml प्रति एकड़ | नहीं दिया गया | ब्रांड की पुस्तिका में शून्य दिन लिखा है |
आम
| उत्पाद | लेबल की खुराक | पानी | कटाई से पहले प्रतीक्षा |
|---|---|---|---|
| Saaf | लेबल के अनुसार खुराक: 0.15% घोल, यानी 1.5 g प्रति लीटर पानी | जितना छतरी (कैनोपी) को ढकने के लिए चाहिए | 7 दिन |
| Companion | लेबल के अनुसार खुराक: 0.15% घोल | जितना छतरी (कैनोपी) को ढकने के लिए चाहिए | 7 दिन |
| Saafilizer | लेबल के अनुसार खुराक: 0.15% घोल | जितना पेड़ की छतरी को ढकने के लिए चाहिए | 7 दिन |
| Insulf Gold | 0.8–1.0 kg प्रति एकड़ | 300–400 L प्रति एकड़ | लेबल पर नहीं छपा |
गेहूँ
Amistar Top: लेबल के अनुसार खुराक, 0.1% यानी 1 ml प्रति लीटर पानी, 200 L पानी प्रति एकड़ में। रोग दिखने पर एक या दो छिड़काव। कटाई से पहले 35 दिन रुकें।
मटर, लोबिया, ग्वार, जीरा और सेब
| फसल | उत्पाद | लेबल की खुराक | कटाई से पहले प्रतीक्षा |
|---|---|---|---|
| मटर, लोबिया, ग्वार | Insulf Gold | 0.8–1.0 kg प्रति एकड़, 300–400 L पानी में | लेबल पर नहीं छपा |
| जीरा | Insulf Gold | 0.8–1.0 kg प्रति एकड़, 300–400 L पानी में | लेबल पर नहीं छपा |
| जीरा | Score | लेबल के अनुसार खुराक: 0.05%, यानी 50 ml प्रति 100 L पानी; 200 L पानी प्रति एकड़ | 15 दिन |
| सेब | Saaf | लेबल के अनुसार खुराक: 0.25% घोल, यानी 2.5 g प्रति लीटर पानी | 20 दिन |
| सेब | Companion | लेबल के अनुसार खुराक: 0.25% घोल | 20 दिन |
| सेब | Avtar Fungicide (Hexaconazole 4% + Zineb 68% WP) | लेबल के अनुसार खुराक: 0.25%, यानी 25 g प्रति 10 L पानी, 10 L प्रति पेड़ | 30 दिन |
| सेब | Insulf Gold | 0.8–1.0 kg प्रति एकड़, 300–400 L पानी में | लेबल पर नहीं छपा |
गंधक (सल्फर) से जुड़ी चेतावनी (Insulf Gold): लेबल कहता है कि इसे गंधक के प्रति संवेदनशील फसलों, जैसे कद्दूवर्गीय फसलें और सेब व नाशपाती की कुछ किस्मों पर इस्तेमाल न करें, और न ही तब जब तापमान 30 °C या उससे ज़्यादा हो। गर्मी में गंधक पत्तियों को जला सकता है।
कद्दूवर्गीय फसलें
हमारे पास मौजूद किसी भी उत्पाद के लेबल पर कद्दूवर्गीय फसलों (खीरा, लौकी-तोरई जैसी बेल वाली फसलें, खरबूजा-तरबूज, कद्दू) के लिए चूर्णिल आसिता नहीं लिखी है। इन फसलों पर गंधक (सल्फर) इस्तेमाल न करें। अपनी कद्दूवर्गीय फसल के लिए पंजीकृत उत्पाद के बारे में अपने स्थानीय कृषि अधिकारी से पूछें।
गुलाब (सिर्फ फूल की फसल)
Terraguard Fungicide (Triflumizole 42.14% SC) का लेबल सिर्फ गुलाब पर चूर्णिल आसिता के लिए है: 342 ml प्रति एकड़, 810 L पानी में, पहले लक्षण दिखते ही छिड़कें, रोग कितना ज़्यादा है उसके हिसाब से दो या तीन छिड़काव। यह किसी भी खाद्य फसल के लिए मंज़ूर नहीं है। लेबल कहता है कि जिन गुलाबों पर यह दवा छिड़की गई हो, उन्हें खाने या दवा बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना है।
Amistar Top, Kavach Flo, Galileo Sensa, Avtar, Saaf, Companion और Saafilizer, हर एक के पैक में दो सक्रिय तत्व हैं। ये लेबल पर मंज़ूर, पहले से मिले हुए (रेडी-मिक्स) उत्पाद हैं। ये टंकी में मिलाए गए मिश्रण नहीं हैं।
प्रतिरोध से बचने के लिए दवा बदलें
बार-बार एक ही फफूंदनाशक छिड़कने पर चूर्णिल आसिता की फफूंद पर उसका असर जल्दी खत्म हो सकता है। फफूंदनाशकों को उनके काम करने के तरीके से समूहों में बाँटा जाता है, जिसके लिए FRAC कोड इस्तेमाल होता है (अंतरराष्ट्रीय संस्था Fungicide Resistance Action Committee, यानी फफूंदनाशक प्रतिरोध कार्य समिति से)। हर अगले छिड़काव में समूह बदलें।
| FRAC समूह | सक्रिय तत्व | इस लेख के उत्पाद |
|---|---|---|
| 1 (बेंज़िमिडाज़ोल) | Carbendazim | Saaf, Companion और Saafilizer का एक हिस्सा |
| 3 (ट्राइएज़ोल और दूसरे DMI) | Difenoconazole, hexaconazole, triflumizole | Score; Terraguard; Amistar Top, Kavach Flo और Avtar का एक हिस्सा |
| 11 (स्ट्रोबिल्यूरिन) | Azoxystrobin, picoxystrobin | Amistar Top और Galileo Sensa का एक हिस्सा |
| 16.1 | Tricyclazole | Galileo Sensa का एक हिस्सा |
| 19 | Polyoxin D | Armatura |
| M02 (कई जगह असर करने वाला, संपर्क) | Sulphur | Insulf Gold |
| M03 (कई जगह असर करने वाला, संपर्क) | Mancozeb, zineb | Saaf, Companion, Saafilizer और Avtar का एक हिस्सा |
| M05 (कई जगह असर करने वाला, संपर्क) | Chlorothalonil | Kavach Flo का एक हिस्सा |
Saaf, Companion और Saafilizer में एक जैसे दो सक्रिय तत्व हैं। इनके बीच बदलना दवा बदलना (रोटेशन) नहीं है। उदाहरण के लिए, मिर्च में Saaf के छिड़काव (समूह 1 और M03) के बाद अगला छिड़काव Kavach Flo (समूह M05 और 3) या Galileo Sensa (समूह 11 और 16.1) का हो सकता है। हर लेबल में जितने छिड़काव मंज़ूर हैं, उतने ही करें।
सुरक्षा और प्रतीक्षा अवधि
- हर उत्पाद और फसल के लिए कटाई से पहले की प्रतीक्षा अवधि (PHI, प्री-हार्वेस्ट इंटरवल) ऊपर की तालिकाओं में दी है। दिन आखिरी छिड़काव से गिनें। जहाँ लेबल पर यह नहीं छपी, वहाँ कटाई से पहले ब्रांड या अपने कृषि अधिकारी से पूछें।
- घोल बनाते और छिड़कते समय दस्ताने, मास्क, पूरी बाँह के कपड़े और जूते पहनें। छिड़काव के दौरान कुछ न खाएँ, न पिएँ, न बीड़ी-सिगरेट पिएँ। बाद में अच्छी तरह नहाएँ-धोएँ।
- ठंडी सुबह या शाम को छिड़काव करें। गंधक (सल्फर) को दिन की गर्मी में कभी न छिड़कें।
- Saaf और Kavach Flo के लेबल चेतावनी देते हैं कि ये मछलियों के लिए ज़हरीले हैं। छिड़काव का घोल और धोवन तालाबों और नहरों से दूर रखें।
- आम और अंगूर उगाने वाले किसान: जब मधुमक्खियाँ फूलों पर काम कर रही हों, तब छिड़काव से बचें।
- इस्तेमाल से पहले लेबल और पर्चा पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चूर्णिल आसिता के लक्षण क्या हैं?
पत्तियों, टहनियों, फूलों या फलों पर सफेद या स्लेटी पाउडर। पोंछने पर नीचे पीला या भूरा धब्बा रह जाता है। बाद में पत्तियाँ सूखकर झड़ जाती हैं, और फूल और छोटे फल गिर जाते हैं।
चूर्णिल आसिता के लिए कौन सा फफूंदनाशक इस्तेमाल होता है?
ऐसा फफूंदनाशक चुनें जिसके लेबल पर आपकी फसल और यह रोग दोनों लिखे हों। मिर्च, अंगूर, आम और गेहूँ के लिए सही उत्पाद अलग-अलग है, इसलिए ऊपर फसल वाली तालिकाएँ देखें। हर छिड़काव में FRAC समूह बदलें।
अंगूर में चूर्णिल आसिता की रोकथाम कैसे करें?
छँटाई करके छतरी (कैनोपी) खुली रखें, रोगी टहनियाँ हटाएँ, और पाउडर का पहला निशान दिखते ही छिड़काव शुरू करें। Saaf, Companion, Saafilizer, Score, Insulf Gold और Armatura के लेबल पर अंगूर में चूर्णिल आसिता लिखी है। FRAC समूह बदल-बदलकर छिड़कें।
मिर्च में चूर्णिल आसिता पत्ती की निचली सतह पर क्यों होती है?
मिर्च की चूर्णिल आसिता की फफूंद पत्ती के अंदर बढ़ती है और अपने बीजाणु मुख्य रूप से निचली सतह से बाहर निकालती है। इसीलिए इसे जल्दी पकड़ने के लिए पत्तियाँ पलटकर देखनी होती हैं, और छिड़काव ऐसे करना होता है कि निचली सतह भी भीगे।
क्या खीरे या खरबूजे पर चूर्णिल आसिता के लिए गंधक (सल्फर) इस्तेमाल कर सकते हैं?
नहीं। Insulf Gold का लेबल कहता है कि इसे कद्दूवर्गीय फसलों पर इस्तेमाल न करें, क्योंकि गंधक इन फसलों को जला सकता है। अपनी कद्दूवर्गीय फसल के लिए पंजीकृत उत्पाद के बारे में अपने कृषि अधिकारी से पूछें।
और पढ़ें
- अंगूर, मक्का और कद्दूवर्गीय फसलों में मृदुरोमिल आसिता: पहचान और रोकथाम
- मिर्च, आम और अंगूर में एन्थ्रेक्नोज: लक्षण और रोकथाम
- थ्रिप्स की दवा: मिर्च, कपास और प्याज़ में थ्रिप्स की रोकथाम
- लाल मकड़ी: पहचान और रोकथाम कैसे करें
- टमाटर और आलू का अगेती झुलसा: लक्षण और रोकथाम
- मिर्च के लिए उत्पाद और सभी फफूंदनाशक
स्रोत
- TNAU एग्रीटेक पोर्टल, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय: मिर्च की चूर्णिल आसिता
- TNAU एग्रीटेक पोर्टल, तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय: अंगूर की चूर्णिल आसिता
- फफूंदनाशक प्रतिरोध कार्य समिति (FRAC): FRAC Code List 2026
- ऊपर बताए हर उत्पाद के आधिकारिक लेबल और पर्चे
फसल के अनुसार इसे नियंत्रित करने वाले उत्पाद
अंगूर
- साफ - कवकनाशकSpray 0.15% (1.5 g per litre of water). Use enough water to cover the whole crop canopy.
- साथी-कवकनाशीSpray 0.15% (1.5 g per litre of water). Use enough water to cover the whole crop canopy.
- साफिलाइजर - प्रणालीगत और संपर्क कवकनाशीSpray at 0.15% (1.5 g per litre of water). Use enough water to cover the whole crop canopy.
- स्कोर-फफूंदनाशकSpray 0.3 ml per litre of water (0.03%) when the disease first appears.
आम
- साफ - कवकनाशकSpray 0.15% (1.5 g per litre of water). Use enough water to cover the whole crop canopy.
- साथी-कवकनाशीSpray 0.15% (1.5 g per litre of water). Use enough water to cover the whole crop canopy.
- साफिलाइजर - प्रणालीगत और संपर्क कवकनाशीSpray at 0.15% (1.5 g per litre of water). Use enough water to cover the whole tree.
मिर्च
- साफ - कवकनाशक304 g प्रति एकड़Spray as soon as disease symptoms appear.
- साथी-कवकनाशी304 g प्रति एकड़
- अमिस्टार टॉप-फफूंदनाशकSpray 1 ml per litre of water (0.1%) when the disease appears; 1-2 sprays
- कवच फ़्लो-फफूंदनाशक405 ml प्रति एकड़Foliar spray as prevention or at the first sign of disease; one more spray after 10-15 days; max 2 sprays per season
- गैलीलियो सेन्सा-फफूंदनाशक400 ml प्रति एकड़Protective spray. For red chilli, spray as soon as fruits start turning red. Max 3 sprays per crop.
सेब
- साफ - कवकनाशकSpray 0.25% (2.5 g per litre of water). Use enough water to cover the whole crop canopy.
- साथी-कवकनाशीSpray 0.25% (2.5 g per litre of water). Use enough water to cover the whole crop canopy.
- अवतार-फफूंदनाशकMix 25 g in 10 litres of water (0.25%). Use 10 litres per tree.
गेहूं
- अमिस्टार टॉप-फफूंदनाशकSpray 1 ml per litre of water (0.1%) when the disease appears; 1-2 sprays
जीरा
- स्कोर-फफूंदनाशकSpray 0.5 ml per litre of water (0.05%) when the disease first appears.
गुलाब
- टेरागार्ड - कवकनाशी342 ml प्रति एकड़Foliar spray at first symptoms, vegetative to flowering stage; 2-3 sprays as needed. Treated roses are not for food or medicinal use.
एक ही उत्पाद बार-बार न छिड़कें। अलग क्रिया-विधि (लेबल पर ग्रुप नंबर) वाले उत्पाद से बदलें, ताकि कीट या रोग में प्रतिरोध न बने।
ब्रांड के आधिकारिक लेबल के अनुसार। इस्तेमाल से पहले लेबल पढ़ें।
खेती की ये जानकारी पसंद आई? Google पर AgriVruddhi को पसंदीदा स्रोत चुनें
फ़सल स्वास्थ्य गाइड पर वापस जाएँ